गूगल का विशाखापत्तनम AI हब: भाग 2 — ऊर्जा, डेटा संप्रभुता, और डिजिटल धर्म का सवाल
गूगल का विशाखापत्तनम AI हब: भाग 2 — ऊर्जा, डेटा संप्रभुता, और डिजिटल धर्म का सवाल विशाखापत्तनम की तटरेखा पर सुबह का धूप धीरे-धीरे फैल रहा है। एक मछुआरा अपनी…
Where the cracks are where the light enters
गूगल का विशाखापत्तनम AI हब: भाग 2 — ऊर्जा, डेटा संप्रभुता, और डिजिटल धर्म का सवाल विशाखापत्तनम की तटरेखा पर सुबह का धूप धीरे-धीरे फैल रहा है। एक मछुआरा अपनी…
जब खेत में AI बोले: क्या भारत का किसान तकनीक का मालिक बनेगा या गुलाम? लिड (Lede) मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव में एक किसान सुबह-सुबह अपने स्मार्टफोन…
जब AI औरतों को भूल जाए: क्या भारत का AI भविष्य आधा अधूरा तो नहीं? लिड (Lede) मुंबई की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने लैपटॉप पर एक AI कोडिंग टूल खोलती…
लिड (Lede) मुंबई की एक लोकल ट्रेन में अक्सर एक दृश्य दिखता है: किसी के हाथ में स्मार्टफोन है, स्क्रीन पर लिखे अक्षर छोटे हैं, पर बातचीत बड़ी है। कोई…
मुंबई से नोट — एक ऐसे हफ्ते में जब दुनिया “एआई की क्षमता” की नहीं, “एआई के इनकार” की कीमत की बात कर रही है। लीड: लोकल ट्रेन, और “ना”…
किसकी आवाज़ सुनता है भारतीय एआई? भाषा संप्रभुता और तकनीकी बहिष्करण महाराष्ट्र के एक गाँव में, पचास वर्षीय किसान रमेश पाटिल अपने फ़ोन पर सरकारी कृषि सलाहकार ऐप खोलते हैं।…
झारखंड के एक दूरदराज़ गांव में, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता देवी अपने फ़ोन पर सरकारी स्वास्थ्य ऐप खोलती हैं। पिछले छह महीने से यह ऐप उनकी सहायक बन गई है —…