दिल्ली के एक सरकारी कार्यालय में, IndiaAI मिशन के CEO अभिषेक सिंह अपनी टीम के साथ एक महत्वपूर्ण presentation की तैयारी कर रहे हैं। फरवरी 2026 में होने वाले India AI Impact Summit से पहले, उनके सामने एक बड़ा सवाल है: क्या भारत अपनी AI संप्रभुता की महत्वाकांक्षाओं को वास्तविकता में बदल पाएगा?
₹10,371.92 करोड़ के बजट के साथ शुरू हुआ IndiaAI मिशन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। नीतिगत घोषणाओं के दौर से आगे बढ़कर, मिशन अब “product readiness” और “inference at scale” पर केंद्रित हो रहा है। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए AI को केवल आयात करना नहीं, बल्कि स्वदेशी रूप से विकसित करना आवश्यक है। मिशन ने कई घरेलू कंपनियों को foundational AI models विकसित करने में सहायता की है जो भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। हालांकि, high-performance compute की उपलब्धता और विशेषज्ञ AI talent की कमी जैसी चुनौतियों ने प्रारंभिक गति को धीमा किया। अब GPU infrastructure के ऑनलाइन आने और प्रारंभिक use cases के deployment की ओर बढ़ने के साथ, मिशन अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है।
इस बदलाव का सबसे रोचक पहलू है cybercrime के लिए voice-based large language model का विकास — जो भारत में अपनी तरह का पहला application होगा। यह दर्शाता है कि IndiaAI मिशन केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-सेवा और सुरक्षा के क्षेत्रों में भी AI को लागू करने का प्रयास कर रहा है। governance के मोर्चे पर, मिशन ने हाल ही में AI governance guidelines प्रकाशित किए हैं, जिनमें technology को regulate करने के बजाय specific applications और use cases पर ध्यान केंद्रित करने की measured approach अपनाई गई है।
सत्य (Satya) और न्याय (Nyaya) के दृष्टिकोण से देखें तो, यह मिशन भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये स्वदेशी models केवल metros तक सीमित रहेंगे, या गांवों के किसान और छोटे शहरों के व्यापारी भी इनका लाभ उठा पाएंगे? सेवा (Seva) का सिद्धांत मांग करता है कि AI का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। फरवरी 2026 का Impact Summit इस बात का एक महत्वपूर्ण checkpoint होगा कि भारत की sovereign AI महत्वाकांक्षाएं कितनी साकार हो रही हैं।
क्या भारत का यह “population-scale AI” का दृष्टिकोण वैश्विक AI परिदृश्य में एक नया मॉडल प्रस्तुत कर सकता है — एक ऐसा मॉडल जो विविधता, समावेशिता और स्थानीय संदर्भ को प्राथमिकता देता है?
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